आज 23 मार्च है मैं कर रहा हूँ, दोस्तों शहीदों की बात है आज 23 मार्च है मैं कर रहा हूँ, दोस्तों शहीदों की बात है
मेरी देश की शान ना कभी कम हो, मिले गर वीर गति, न आँखे नम हों मेरी देश की शान ना कभी कम हो, मिले गर वीर गति, न आँखे नम हों
जब हाथ अधबुने स्वेटर को आगे बुनने को बढ़ायेगी इक मां की सूनी गोद हुयी ये कसक बहुत ही रूलायेग! जब हाथ अधबुने स्वेटर को आगे बुनने को बढ़ायेगी इक मां की सूनी गोद हुयी ये कसक बहुत...
क्यों इतना दर्द ? क्यों इतना गुस्सा ? एक हैं, एक हैं, एक ही रहेंगे हमेशा। क्यों इतना दर्द ? क्यों इतना गुस्सा ? एक हैं, एक हैं, एक ही रहेंगे हमेशा।
बहादुरों की कमी नहीं थी हमारे यहाँ बहादुरों की कमी नहीं थी हमारे यहाँ
युवा आम सभी होते कुछ कर गुजरने की अभिलाषा वाले विरले ही होते।। युवा आम सभी होते कुछ कर गुजरने की अभिलाषा वाले विरले ही होते।।